Benefits of kaunch beej
कौंच के बीज:- शक्ति का भंडार
Benefits of Kaunch Beej
भारत कई तरह के औषधियों और जड़ी-बूटियों का देश है। उन्हीं में से एक है, कौंच के बीज। यह फाबेसी परिवार का पौधा है. जो भारत के लोकप्रिय औषधीय पौधों में से एक है.संभव है,कौंच एवं कौंच बीज चूर्ण को आयुर्वेद में रसायन के रूप में प्रयोग किया जाता है | यह आयुर्वेद की बहुत प्रसिद्ध जड़ी बूटी है आयुर्वेद में 350 से ज्यादा दवाइयों में कौंच बीज का इस्तेमाल किया जाता है|जिसके कई लाभ है. इस दवा का प्रयोग प्राचीन काल से ही चला आ रहा है. कौंच/Kaunch के बीजो का प्रयोग सेक्सुअल और न्यूरोलॉजिकल विकारो को दूर करने के लिये भी किया जाता है..कौंच के बीज में टैनिक एसिड, अल्कोलोइड्स म्यूकेनाइन, ग्लूथियोन, ग्लाइकोसाइड्स, लेसितिण, प्रुरनिडाइन, निकोटीन, प्रुरिनिन, गैलिक एसिड आदि अच्छी मात्रा में पाये पाये जाते है| इसके अलावा इसमें कौंच सेम में फाइबर, प्रोटीन और बहुत से खनिज पदार्थ होते है| जो हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है| कि कई लोगों ने पहले कभी कौंच के बीज के बारे में ज्यादा नहीं सुना होगा। कौंच मस्तिष्क से संबंधित समस्या से लेकर पुरुष नपुंसकता तक की परेशानी से निजात दिला सकता है
कौंच के बीज की तासीर गर्म होती है।पुराने समय से ही कौंच एवं कौंच पाक आदि का इस्तेमाल देशी रसायन के रूप में किया जाता रहा है कौंच के बीज खाने से पीनियल गंथि (pineal gland)पर सक्रिय होती है। जिससे नींद लाने वाले होर्मोन मेलाटोनिन उत्पन्न होते हैं। इससे डोपामाइन (dopamine)नामक रसायन का भी स्त्राव होता है। जिससे व्यक्ति को गहरी नींद आती है। इससे तनाव भी कम होता है।इसमें डोपामाइन (dopamine)की बहुत अधिक मात्रा होती है। यह यौगिक पीयूष ग्रंथि (Pituitary gland) को उत्तेजित करता है और स्वस्थ्य हार्मोन को पूरे जीवन तक बनाए रखता है। इससे बढ़ती उम्र का असर कम होता है।कौंच के बीज में प्रोटीन, हेल्दी फैट, फाइबर तत्व पाए जाते हैं जो मांसपेशियों के विकास में मदद करते हैं। इससे शरीर को एनर्जी भी मिलती है।कौंच का बीज खाने से माइंड में खुशी देने वाला रसायन रिलीज होता है, इसलिए ये मूड को बेहतर बनाने का काम करता है।सके सेवन आलस से छुटकारा मिलता है। ये शरीर को एनर्जी देता है। इससे शारीर स्वस्थ रहता है।कौंच के बीज में मौजूद पोषक तत्वरोग प्रतिरोधक (immunity) को बढ़ाने में भी मदद करते हैं। इससे संक्रमण नहीं होता हैसके नियमित सेवन से शरीर को मजबूत बनाता है, वजन बढ़ाता है, शरीर में खून की मात्रा को बढ़ाता है, तथा strength , stamina और power को को boost करता हैयह Blood Suger , BP को कंट्रोल करने में भी लाभदायक औषधि है, और इसके नियमित सेवन से heart को ताकत देता है तथा ब्लड सरकुलेशन में सुधार लाता है.इसके बीजो, पत्तियों और जड़ो जैसे भागो का प्रयोग दवा के रूप में किया जाता है. इसका प्रयोग थकान दूर करने. यौन इच्छा की कमी. इरेकशन डिसफंक्शन, पीठ दर्द, नसो का दर्द, शरीर दर्द, वजन बढ़ाने, शक्ति बढ़ाने, इम्युनिटी सुधारने और कई तरह की बीमारियों के इलाज मे किया जाता है.
यूनानी मतानुसार कौंच की गिरी तीसरे दर्जे की गर्म होती है | यह विरेचक, कामोधीपक, बिच्छू का विषहर, शुक्रवध्दर्क, स्तम्भन करने वाली तथा ओजप्रद हैं | बवासीर में यह हानिकारक होती है |
Kaunch Beej Benefits
कोलेस्ट्रॉल कम करे : (Kaunch beej Benefits for cholesterol in hindi)
आज असंख्य लोग अपने बढे हुए कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल से परेशान है और तरह तरह की दवाओं का सेवन करते है. उन दवाओं के स्थान पर अगर कौंच के बीजों का प्रयोग किया जाए तो आपको शीघ्र ही शुगर व कोलेस्ट्रॉल से निजात मिलेगी.
अच्छी नींद के लिए कौंच बीज (Kaunch Beej benefits for good sleep in hindi)
सभी के लिए पर्याप्त नींद लेना जरूरी है। अगर नींद पूरी नहीं होती है, तो न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक समस्याएं भी हो सकती है। ऐसे में नींद संबंधी परेशानियों के लिए भी कौंच का बीज लाभकारी हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, अगर सफेद मूसली (Chlorophytum borivilianum) के साथ कौंच (Velvet beans) का सेवन किया जाए, तो अनिद्रा की समस्या से राहत मिल सकती है
पार्किंसंस के लिए कौंच के बीज (Kaunch Beej Good for Parkinson's disease in Hindi)
कौंच के बीज खाने के फायदे की बात करें, तो इसमें सबसे पहला नाम है आता है Parkinson's का। दरअसल, पर्किंसंस तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारी है। यह तब होती है, जब मस्तिष्क में तंत्रिका कोशिकाएं डोपामाइन (dopamine) नामक ब्रेन केमिकल का पर्याप्त निर्माण नहीं कर पाती हैं । ऐसे में मरीज को कंपकंपी, शरीर में दर्द व चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, यह बीमारी उम्र बढ़ने पर हो सकती है, लेकिन कभी-कभी यह जेनेटिक और कम उम्र के व्यक्ति को भी हो सकती है। इस स्थिति में कौंच अच्छा विकल्प हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित स्टडी के अनुसार, कौंच का बीज पर्किंसंस के लिए बहुत असरदार पाया गया है। इसमें Anti-Parkinson's गुण मौजूद हैं, क्योंकि इसमें एल-डोपा (L-dopa- Levodopa) नामक एमिनो एसिड मौजूद होता है। ये एमिनो एसिड Parkinson's के लिए काफी असरदार हो सकता है, ऐसे में कौंच के उपयोग से Parkinson's की समस्या से बचाव हो सकता है या उस पर काफी प्रभाव पड़ सकता है ।
मधुमेह के लिए कौंच बीज (Kaunch Beej Good for Diabetes in Hindi)
कौंच के बीज के फायदे की बात करें, तो ये डायबिटीज के लिए भी लाभकारी हो सकता है। चूहों पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार, वर्षों से मधुमेह के उपचार के लिए उपयोग किए जाने वाले कौंच बीज लाभकारी हो सकते हैं। यह एंटीडायबिटिक एजेंट की तरह काम कर सकता है
डिप्रेशन से बचाव के लिए कौंच बीज
आज के वक्त में लोग मूड में बदलाव और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याओं का सामना करते हैं। ये डिप्रेशन के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में वक्त रहते इस पर ध्यान देना जरूरी है। डिप्रेशन जैसी समस्या के लिए भी कौंच के बीज के फायदेमंद हो सकते हैं। दरअसल, इस विषय पर चूहों पर किए गए अध्ययन के अनुसार, कौंच में एंटी-डिप्रेसेंट (Antidepressant) गुण मौजूद होते हैं। ऐसे में कौंच का सेवन डिप्रेशन से बचाव या उसे कम करने में सहायक हो सकता है।
एकाग्रता के लिए कौंच के बीज
कौंच बीज खाने के फायदे की बात करें, तो इसमें एकाग्रता में सुधार भी शामिल है। कई बार तनाव और चिंता के कारण लोगों का ध्यान जरूरी कामों में नहीं लग सकता है। ऐसे में कौंच के बीज एकाग्रता में कमी की समस्या को कुछ हद तक ठीक करने में सहायक हो सकता है। दरअसल, कौंच के बीज मानसिक तनाव को कम करने में सहायक हो सकते हैं और इसमें एंटी-डिप्रेसेंट (Antidepressant) गुण भी मौजूद हैं। कौंच बीज में मौजूद हाइड्रोअल्कोहलिक (hydroalcoholic) एक्सट्रैक्ट इसका कारण हो सकता है । ऐसे में ये एक संभावना हो सकती है कि इसके सेवन से मन शांत हो सकता है और एकाग्रता में सुधार हो सकता है
शरीर या कमर दर्द के लिए कौंच
आजकल की जीवनशैली और व्यस्त दिनचर्या के कारण कई लोग शरीर में दर्द की शिकायत करते हैं। शरीर में या कमर में दर्द की समस्या हो, तो रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो जाता है। वहीं, बार-बार दर्द निवारक दवाइयों का सेवन भी सही नहीं है। ऐसे में आयुर्वेदिक औषधियां और प्राकृतिक उपचार फायदेमंद साबित हो सकते है। कौंच भी ऐसी ही आयुर्वेदिक औषधियों में से एक है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक (analgesic) यानी दर्दनाशक गुण दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इस बारे में कोई सटीक वैज्ञानिक स्टडी नहीं है, ऐसे में इसके प्रभाव अलग-अलग व्यक्ति पर अलग-अलग हो सकते हैं।
बढ़ते वजन के लिए कौंच बीज (Kaunch Beej Benefits for Weight Loss in Hindi)
वजन बढ़ने या मोटापे की समस्या से आजकल लगभग हर दूसरा व्यक्ति परेशान है। बिगड़ी जीवनशैली व गलत डाइट के कारण यह समस्या आम है । इस स्थिति में सही डाइट और व्यायाम तो जरूरी है ही, लेकिन अगर साथ में कौंच का सेवन किया जाए, तो यह वजन कम करने में लाभकारी हो सकता है। इस विषय पर चूहों पर किए गए शोध के अनुसार, कौंच बीज के एंटी-ओबेसिटी प्रभाव सामने आए हैं। ऐसे में अगर सही लाइफस्टाइल के साथ कौंच बीज का उपयोग वजन कम करने में सहायक हो सकता है।
एंटीऑक्सीडेंट गुण के साथ कौंच बीज
कौंच के बीज में एंटीऑक्सीडेंट गुण भी मौजूद होते हैं। दरअसल, शरीर को तंदुरुस्त रखने के लिए कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट की जरूरत होती है। एंटीऑक्सीडेंट शरीर को क्षति पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स को नष्ट करने में मदद कर सकता है और शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकता है। ऐसे में अगर एंटी-ऑक्सीडेंट खाद्य पदार्थों के सेवन की बात की जाए, तो इसमें कौंच बीज भी शामिल है। इसमें सिर्फ एंटी-ऑक्सीडेंट ही नहीं, बल्कि एंटी-इंफ्लेमेटरी भी होते हैं ।
नपुंसकता के लिए कौंच बीज (Kaunch Beej Good for ED in Hindi)
कौंच के बीज में प्रोलैक्टिन नामक एक हार्मोन पाया जाता है। ये प्रोलैक्टिन प्रजनन, चयापचय और इंम्यूरेग्यूलेटरी कार्यों के लिए फायदेमंद होता है। ये टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन करता है। यह testosterone लेवल को इनक्रीस करता है, जो पुरुषों में शारीरिक विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, यह hormone imbalance को ठीक करता है, और testosterone को boost करता है.इससे पुरुषों की शारीरिक अक्षमता दूर होती है। इसे दूध के साथ लेना फायदेमंद होता है।महिलाओं की तरह ही पुरुषों को भी इनफर्टिलिटी की परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसका कारण मोटापा, धूम्रपान, शराब का सेवन व हॉर्मोनल बदलाव हो सकता है । वजह चाहे जो भी हो, लेकिन कौंच के बीज इस समस्या का उपचार हो सकता है। इस विषय पर इन्फर्टाइल पुरुषों पर किए गए एक शोध के रिपोर्ट के अनुसार, कौंच के बीज के सेवन से स्पर्म (शुक्राणुओं) काउंट में सुधार देखा गया है। ऐसे में इसका उपयोग न सिर्फ शुक्राणुओं को नुकसान होने से बचा सकता है, बल्कि इंफर्टिलिटी की समस्या को भी दूर करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, कई बार तनाव के कारण भी सीमेन (शुक्राणु) क्वालिटी पर प्रभाव पड़ सकता है और इनफर्टिलिटी की समस्या हो सकती है। ऐसे में कौंच बीज मानसिक तनाव या स्ट्रेस को भी कम करने में सहायक हो सकता है और इनफर्टिलिटी की परेशानी से बचाव कर सकता है। कौंच के बीज खाने के फायदे की बात करें, तो यह इसके मुख्य लाभों में से एक है।
कौंच के बीज के पौष्टिक तत्व – Kaunch Beej Nutritional Value
कौंच के बीज में कई तरह के पौष्टिक तत्व मौजूद हैं, जिनमें कैल्शियम, पोटैशियम, नियासिन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, जिंक व आयरन जैसे पौष्टिक तत्व प्रमुख हैं। कुछ अन्य पोषक तत्व इस प्रकार हैं:
कौंच के बीज का पाउडर बनाने की विधि
कौंच बीज चूर्ण बनाने से पहले कौंच के बीज को शुद्ध करने की विधि भी दी गई है:
सामग्री :
तरीका :
3 से 5 ग्राम कौंच बीज चूर्ण , खाना खाने के बाद ,रात को सोने से पहले, दूध के साथ ले या डॉक्टर के परामर्श से इसका सेवन करें.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें