Benefits of Ashwagandh

अश्वगंधा (Withania Somnifera) 



Health Benefits of Ashwagandh

 अश्वगंधा Ashwagandha एक चमत्कारी जड़ी-बूटी है. इसे आयुर्वेद में अहम् स्थान प्राप्त है अश्वगंधा का प्रयोग कई रोगों में किया जाता है।जो कई तरह की लाइलाज बीमारियों में कारगर मानी गयी है। क्‍या आप जानते हैं कि मोटापा घटाने, बल और वीर्य विकार को ठीक करने के लिए अश्वगंधा का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा अश्वगंधा के फायदे और भी हैं। अश्वगंधा (Withania Somnifera) के अनगिनत फायदों के अलावा अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से अश्वगंधा के नुकसान से सेहत के लिए असुविधा उत्पन्न हो सकता है।अश्वगंधा का उपयोग सदियों से विश्वभर में उसके अनगिनत लाभ के कारण हो रहा है।अश्वगंधा ब्लड शुगर Blood Suger  को कंट्रोल करने में मदद करता है। कई अध्ययनों में इस बात को साबित किया जा चुका है।

 समें ऐंटीऑक्सिडेंट्स Antioxidant एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटी स्ट्रेस Antistress और ऐंटी-बैक्टीरियल गुण होती हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक Immunityक्षमता को बढ़ाने में मदद करती हैं। एंटीइंफ्लामेट्री गुणों की वजह से ये कोलेस्ट्रॉल Cholesterol और ट्राईग्लिसराइड triglycerides लेवल को कम करता है और हृदय heart को स्वस्थ रखता है  इम्यून सिस्टम Immune system को बेहतर करना व अच्छी नींद शामिल हैं। यह स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल के लेवल को कम करता है, जिससे स्ट्रेस कम होता है.इसके सेवन से मस्तिष्क की कार्यप्रणाली बेहतर हो सकती है यह इन्सुलिन पैदा करके शुगर के स्तर को कम करता है।अश्वगंधा स्पर्म के उत्पादन को बढ़ाता है और यौन कमजोरी जैसे की बांझपन, अनीमिया और शरीर में टिश्यूज की कमी को पूरा करने का काम भी करता है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए अश्वगंधा चूर्ण के फायदे Health Benefits of Ashwagandh

  श्वगंधा चूर्ण Ashwagandha Powder का सेवन करने से टोटल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स triglycerides के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही यह एचडीएल HDL (अच्छे कोलेस्ट्रॉल) की मात्रा को बढ़ाने में मदद कर सकता है।  दिल की मांसपेशियां मजबूत होंगी, बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल भी कम होने लगेगा। अश्वगंधा Ashwagandha को हाइपरटेंशन में भी लाभकारी माना गया है। इसके लिए अश्वगंधा का नियमित सेवन करना चाहिए। लेकिन जिन लोगों का ब्लड प्रेशर Blood pressure  कम रहता है, उन्हें अश्वगंधा Ashwagandha का सेवन नहीं करना चाहिए

इम्यूनिटी Immunity के लिए अश्वगंधा पाउडरAshwagandha powder

 शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता Immuan System बेहतर नहीं होगी, तो बीमारियों से लड़ना मुश्किल हो जाता है। विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों के मुताबिक, अश्वगंधा चूर्ण के उपयोग से रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार हो सकता है । इसमें मौजूद इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव शरीर की जरूरत के हिसाब से प्रतिरोधक क्षमता    में बदलाव कर सकता है, जिससे रोगों से लड़ने में मदद मिल सकती है। इसलिए, माना जाता है कि अश्वगंधा रोग प्रतिरोधक क्षमता Immunityको बढ़ाने में मदद कर सकता है।

आंखों की बीमारी के लिए अश्वगंधा खाने के फायदे

तेजी से लोग आंखों से जुड़ी बीमारियां का शिकार हो रहे हैं। मोतियाबिंद जैसी बीमारियों के मामले भी बढ़ने पर हैं । कई लोग मोतियाबिंद से अंंधे तक हो जाते हैं  इसी संबंध में हैदराबाद के कुछ वैज्ञानिकों ने अश्वगंधा Ashwagandha को लेकर शोध किया। उनके अनुसार, अश्वगंधा में एंटीऑक्सीडेंट Antioxidant गुण होते हैं, जो मोतियाबिंद से लड़ने में मदद कर सकते हैं। अध्ययन में पाया गया है कि अश्वगंधा मोतियाबिंद के खिलाफ प्रभावशाली तरीके से काम कर सकता है। यह मोतियाबिंद को बढ़ने से रोकने में कुछ हद तक लाभकारी हो सकता है।

एन्टी कैंसर गुण

अश्वगंधा Ashwagandha की जड़ों और पत्तियों से निकले हुए सत से कैंसर से बचा जा सकता है।  कैंसर के उपचार के प्रभाव को बढ़ाता है।कैंसर के मरीज़ों के लिए लाभकारी है. एक रिसर्च के मुताबिक़ अश्‍वगंधा कीमोथेरेपी के बुरे प्रभाव को कम करने में मदद करता है. इसके अलावा नई कैंसर सेल्स को बनने से भी रोकता है इसमें एंटी-ट्यूमर गुण पाए जाते हैं जो ट्यूमर को पनपने से रोकने का काम करते हैं। इसके अलावा, अश्वगंधा Ashwagandha का इस्तेमाल कैंसर के इलाज के बाद कीमोथेरेपी के असर को खत्म करने के लिए भी किया जाता है। 

अर्थराइटिस में अश्वगंधा पाउडर खाने के फायदे

अर्थराइटिस ऐसी पीड़ादायक बीमारी है, जिसमें मरीज का चलना-फिरना और उठना-बैठना मुश्किल हो जाता है। इसी के मद्देनजर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने चूहों पर 2014 में अश्वगंधा Ashwagandha पर शोध किया गया। उस शोध में बताया गया है कि अश्वगंधा Ashwagandha  के औषधीय गुण एंटीइंफ्लेमेटरी की वजह से इसकी जड़ के रस से अर्थराइटिस के लक्षण कम हो सकते हैं। साथ ही र्थराइटिस के दर्द से भी आराम मिल सकता है ।

त्वचा के रोगों में

त्वचा के रोगों को दूर करने में मदद करता है. ये न स़िर्फ झुर्रियों को कम करता है, बल्कि चर्म रोग को भी ठीक करता है.

याददाश्त के लिए अश्वगंधा खाने के फायदे

स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही और बदलती दिनचर्या तेजी से मस्तिष्क की कार्य क्षमता को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में जानवरों पर किए गए विभिन्न अध्ययनों में पाया गया कि अश्वगंधा (Withania Somnifera) मस्तिष्क की कार्यप्रणाली और याददाश्त पर सकारात्मक असर डाल सकता है । जैसा कि हम ऊपर बता ही चुके हैं कि अश्वगंधा लेने से नींद भी अच्छी आ सकती है, जिससे मस्तिष्क को आराम मिलता है और वह बेहतर तरीके से काम कर सकता है।

 मजबूत मांसपेशियांं

हड्डियों के साथ-साथ मांसपेशियोंं का मजबूत होना भी जरूरी है। मांसपेशियों के लिए अश्वगंधा का सेवन लाभकारी हो सकता है। इसके सेवन से मांसपेशियां मजबूत होने के साथ ही दिमाग और मांसपेशियों के बीच बेहतर तालमेल बन सकता है। यही कारण है कि जिम जाने वाले और अखाड़े में अभ्यास करने वाले पहलवान भी अश्वगंधा के सप्लीमेंट्स लेते हैं। फिलहाल, इस संबंध में और वैज्ञानिक शोध करने की बात कही गई है। इतना ही नहीं, अश्वगंधा (Withania Somnifera) कमजोरी के लिए और पैरों की मांसपेशियों की ताकत में सुधार कर सकता है। अश्वगंधा को न्यूरोमस्कुलर समन्वय को बेहतर करने के लिए भी इस जाना जाता है।


हृदय रोग से बचाव के लिए अश्वगंधा के लाभ

अश्वगंधा में कार्डियोप्रोटेक्टिव प्रभाव होता है, जो हृदय HEART को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। इस इफेक्ट का कारण अश्वगंधा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-एपोप्टोटिक गतिविधि को माना जाता है। इसके  अलावा, अश्वगंधा में मौजूद हाइपोलिपिडेमिक प्रभाव कोलेस्ट्रॉल को कम करके हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है। इस रिसर्च में कहा गया है कि इन गतिविधियों के अलावा एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-प्लेटलेट, एंटीहाइपरटेंसिव, हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव भी हृदय स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं

वजन कम weight loss करने के लिए अश्वगंधा खाने के फायदे

एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक शोध में अश्वगंधा की जड़ के अर्क का सेवन करने से भूख और वजन में कमी (weight loss) पाई गई। शोध में बताया गया है कि अश्वगंधा की जड़ का अर्क तनाव के मनोवैज्ञानिक लक्षणों में सुधार कर सकता है। यह तनाव और चिंता को कम कर भोजन की तीव्र इच्छा में कमी लाकर वजन को कम करने में सहायक हो सकता है। हालांकि, शोध में यह भी कहा गया है कि तनाव की वजह से बढ़ने वाले वजन को कम करने की अश्वगंधा की क्षमता को लेकर आगे और भी अध्ययन की जरूरत है । यहां हम स्पष्ट कर दें कि वजन कम weight loss करने के लिए अश्वगंधा के साथ-साथ संतुलित आहार और नियमित व्यायाम भी जरूरी है।

मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए अश्वगंधा के फायदे

 यह तनाव को कम करने में बेहद मददगार औषधि है। यह मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ाने में भी काफी मददगार है और दिमाग को ठंडा रखने में भी।अश्वगंधा मस्तिष्क के विकार चिंता, अवसाद और तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।  इतना ही नहीं, मस्तिष्क के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए अश्वगंधा लाभकारी है।

यौन क्षमता में वृद्धि (Aphrodisiac) के लिए अश्वगंधा चूर्ण के फायदे

श्वगंधा एक शक्तिवर्धक औषधि है, ये पुरुषों की फर्टिलिटी बढ़ाने में मदद करता हैजो पुरुषों की यौन क्षमता को बेहतर कर वीर्य की गुणवत्ता में सुधार कर सकती है।टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन को बढ़ाने में मदद करता हैअगर पुरुषों में यौन क्षमता की कमी है और वे यौन सुख नहीं ले पाते तो फिर अश्वगंधा का सेवन करें। सेवन शरीर की अंदरूनी शक्ति को बढ़ावा देता है जिस कारण सेक्सुअल परफॉरमेंस में सुधार होता है।यह न सिर्फ यौन क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करता है बल्कि सीमन की क्वॉलिटी भी सुधारता है। ये जड़ी-बूटी ऊर्जा के स्तर और प्रजनन क्षमता में सुधार करके यौन प्रदर्शन को बढ़ाती है।2010 में हुए एक अध्ययन के अनुसार, अश्वगंधा का उपयोग करने से स्पर्म उत्तमता के साथ-साथ उसकी संख्या में भी वृद्धि हो सकती है। 

थायराइड के लिए

गले में मौजूद तितली के आकार की थायराइड ग्रंथि जरूरी हार्मोंस का निर्माण करती है। जब ये हार्मोंस असंतुलित हो जाते हैं, तो शरीर का वजन कम या ज्यादा होने लगता है। इसके कारण कई अन्य तरह की परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। इसी अवस्था को थायराइड कहते हैं।

थायराइड से ग्रस्त चूहों पर हुए एक अध्ययन में पाया गया कि नियमित रूप से अश्वगंधा की जड़ को दवा के रूप में देने से थायराइड की कार्यप्रणाली में सुधार हो सकता है । साथ ही हाइपोथायराइड (ऐसी स्थिति, जिसमें थायरॉयड ग्रंथि पर्याप्त थायराइड हार्मोन नहीं बनाती है) रोगियों पर हुए अध्ययन में भी अश्वगंधा को थायराइड के लिए लाभकारी माना गया है । इस आधार पर कहा जा सकता है कि थायराइड के दौरान डॉक्टर की सलाह पर अश्वगंधा का सेवन करना लाभकारी साबित हो सकता है।

खून बनाने में वृद्धि

अश्वगंधा में हेमाटोपोईएटिक गुण होते हैं जो लाल और सफेद दोनों कोशिकाओं की गिनती बढ़ाता है।

डायबिटीज का इलाज

आज डायबिटीज भी एक महामारी का रूप लेती जा रही है। ऐसे में डायबिटीज का इलाज भी इस आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी से संभव है।अश्वगंधा का सेवन कर अपनी समस्या को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं। नियमित रूप से कुछ दिनों तक अश्वगंधा (Withania Somnifera) का सेवन करने से डायबिटीज की समस्या काफी हद तक कम और कंट्रोल हो जाती है।  

 अश्वगंधा पाउडर की खुराक

आम तौर पर 1/4 या 1/2 चम्मच दिन में एक या 2 बार गर्म पानी या दूध के साथ।

अश्‍वगंधा के उपयोगी हिस्से (Useful Parts of Ashwagandha)

  • पत्‍ते
  • जड़
  • फल
  • बीज

ध्यान रखें: अश्वगंधा का सेवन सीमित मात्रा में ही करें। अत्यधिक सेवन से न सिर्फ उल्टियां हो सकती हैं बल्कि पेट गड़बड़ हो सकता है। लो ( Low) ब्लड प्रेशर वाले लोग इसे न खाएं। नींद न आने पर अश्वगंधा का इस्तेमाल कुछ हद तक सही है, लेकिन नींद बुलाने के लिए इसका नियमित सेवन नुकसानदेह साबित हो सकता है।

अश्वगंधा के नुकसान

जो लोग थायरॉइड की दवाइयां खा रहे हैं, उन्हें भी अश्‍वगंधा नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इससे थायरॉइड हार्मोन लेवल बढ़ सकता है. साथ ही इसके सेवन से ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है. इसके सेवन से पहले डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि दवाओं का डोज़ बदलना पड़ेगा

.– प्रेग्नेंट महिलाएं या वो महिलाएं जो स्तनपान कराती हैं, वो अश्‍वगंधा का सेवन न करें.

अश्‍वगंधा की टैबलेट या पाउडर बिना डॉक्टरी सलाह के न लें.

ऑटोइम्यून डिसीज़ से पीड़ित लोगों को भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए.

अश्वगंधा के साथ नशीली पदार्थ जैसे की शराब और सिगरेट का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से शरीर पर इसका सकारात्मक के बजाय नकारात्मक प्रभाव पड़ता है

टिप्पणियाँ


CONTACT US

नाम

ईमेल *

संदेश *

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Benefits of Asafoetida / Heeng (हींग के फायदे)